CG: सेंट्रल यूनिवर्सिटी में साइबर सेंध से मचा हड़कंप! पोर्टल हैक के बाद पेपर लीक की आशंका, जांच के घेरे में परीक्षा व्यवस्था

 CG: सेंट्रल यूनिवर्सिटी में साइबर सेंध से मचा हड़कंप! पोर्टल हैक के बाद पेपर लीक की आशंका, जांच के घेरे में परीक्षा व्यवस्था


छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय एक गंभीर साइबर सुरक्षा विवाद के केंद्र में आ गया है। विश्वविद्यालय के डिजिटल संचालन से जुड़े समर्थ पोर्टल में कथित हैकिंग की घटना सामने आने के बाद न केवल छात्रों के डेटा की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं, बल्कि परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता भी जांच के दायरे में आ गई है। मामले ने छात्रों, अभिभावकों और प्रशासनिक तंत्र के बीच चिंता बढ़ा दी है।

परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र मिलने का दावा

विश्वविद्यालय में चल रही सेमेस्टर परीक्षाओं के बीच कुछ छात्रों तक परीक्षा पूर्व प्रश्नपत्र पहुंचने की चर्चा ने मामले को और गंभीर बना दिया है। दावा किया जा रहा है कि छात्रों को जो प्रश्नपत्र मिले, उनमें शामिल कई सवाल वास्तविक परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मेल खाते हैं। हालांकि अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि कथित प्रश्नपत्र असली थे या नहीं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल पेपर लीक के प्रत्यक्ष प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

छात्रों का निजी डेटा भी खतरे में?

समर्थ पोर्टल विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा प्रबंधन, शैक्षणिक रिकॉर्ड और प्रशासनिक कार्यों का प्रमुख डिजिटल माध्यम है। इस पोर्टल पर छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक दस्तावेज, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और अन्य संवेदनशील विवरण मौजूद रहते हैं। ऐसे में हैकिंग की घटना ने डेटा सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। छात्रों को आशंका है कि उनकी निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।

7 दिन में रिपोर्ट देगी जांच समिति

घटना की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने आपात बैठक बुलाकर पांच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। समिति में वरिष्ठ प्रोफेसरों और प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया गया है। जांच दल को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पोर्टल में सेंध कैसे लगी और क्या वास्तव में परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी प्रभावित हुई है।

उच्च शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

32 से अधिक विभागों से जुड़े दस्तावेजों और प्रश्नपत्रों के प्रभावित होने की आशंका ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। यदि जांच में पेपर लीक या डेटा चोरी की पुष्टि होती है, तो यह केवल विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि प्रदेश की उच्च शिक्षा प्रणाली के लिए भी बड़ा झटका साबित हो सकता है। फिलहाल सभी की नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

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