नया झटका! छत्तीसगढ़ में बिजली महंगी, 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी नई दरें

 नया झटका! छत्तीसगढ़ में बिजली महंगी, 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी नई दरें


छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरें घोषित कर दी हैं। आयोग के फैसले के अनुसार राज्य में औसतन 6.23 प्रतिशत तक बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे छत्तीसगढ़ में लागू होंगी।

घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं पर असर

नई दरों के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी होगी। वहीं व्यावसायिक यानी कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक महंगी कर दी गई है। इससे शहरी व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।

किसानों को भी मिली बढ़ी हुई दरों का असर

कृषि क्षेत्र में भी बिजली की कीमतें बढ़ाई गई हैं। कृषि पंपों के लिए बिजली दर में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि गैर-सब्सिडी वाले कृषि पंप कनेक्शनों पर ऊर्जा प्रभार में मिलने वाली छूट को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे कुछ राहत देने की कोशिश की गई है।

टैरिफ और नए स्लैब में बदलाव

आयोग ने हाई वोल्टेज ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए 6.42 रुपए प्रति kVAh टैरिफ तय किया है। इसके अलावा 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए टाइम ऑफडे (TOD) टैरिफ लागू किया गया है, जिसके तहत समय के आधार पर बिजली दरों में बदलाव होगा।


विभिन्न क्षेत्रों और श्रेणियों को मिली राहत

ग्रामीण क्षेत्रों, बस्तर और सरगुजा के छात्रावासों को घरेलू श्रेणी में शामिल किया गया है। इसके अलावा महिला स्व-सहायता समूहों, ग्रामीण अस्पतालों और कुछ छोटे उद्योगों को ऊर्जा शुल्क में 10 प्रतिशत तक छूट जारी रखी गई है। ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स को भी कई शुल्कों से राहत दी गई है।

बिजली कंपनी के घाटे का हवाला

आयोग के अनुसार बिजली वितरण कंपनी को एक यूनिट बिजली पहुंचाने में औसतन 7.13 रुपए खर्च हो रहा है, जबकि उपभोक्ताओं से औसतन 6.71 रुपए की ही वसूली हो पा रही है। इसी अंतर को देखते हुए दरों में संशोधन किया गया है।

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