छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, दंतेवाड़ा से हुई शुरुआत; रायपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश से मिली राहत
रायपुर, 22 जून 2026। छत्तीसगढ़ में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून ने दस्तक दे दी है। इस बार मानसून की शुरुआत राज्य के दंतेवाड़ा जिले से हुई है, जिसके बाद बस्तर संभाग के कई इलाकों में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। राजधानी रायपुर समेत अन्य जिलों में भी सोमवार को मौसम ने करवट ली और तेज बारिश देखने को मिली, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
दंतेवाड़ा से मानसून का प्रवेश
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा के रास्ते प्रवेश किया है। इसके बाद बस्तर क्षेत्र के विभिन्न जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह संकेत है कि मानसून अब धीरे-धीरे पूरे राज्य में फैलने की स्थिति में है।
रायपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश
सोमवार दोपहर अचानक मौसम बदलने से रायपुर, रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने से जनजीवन प्रभावित हुआ, हालांकि लंबे समय से चल रही गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली। राजधानी के कई हिस्सों में पानी भरने की भी स्थिति देखी गई।
मौसम विभाग का पांच दिन का अलर्ट
छत्तीसगढ़ मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
मानसून के आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियां
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश में मानसून के आगे बढ़ने के लिए सभी परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों को भी कवर कर लेगा। इसके बाद पूरे राज्य में लगातार बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
लोगों को मिली गर्मी से राहत
मानसून की एंट्री के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। लंबे समय से पड़ रही गर्मी और उमस से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली है। खासकर ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में बारिश को खेती के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
प्रशासन की अपील
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें और बिजली गिरने की स्थिति में खुले स्थानों से दूर रहें। साथ ही निचले इलाकों में जलभराव की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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