CG में मानसून की आहट! अगले 3 दिन तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार केरल में दस्तक दे दी है। सामान्य तिथि की तुलना में इस बार मानसून कुछ दिनों की देरी से पहुंचा है, लेकिन इसके सक्रिय होते ही देश के कई हिस्सों में मौसम का रुख बदलने लगा है। छत्तीसगढ़ में मानसून की आधिकारिक एंट्री अभी नहीं हुई है, फिर भी प्रदेश के कई इलाकों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने लगी हैं। गुरुवार को जगदलपुर में अचानक हुई तेज बारिश ने मौसम में बदलाव के संकेत दिए हैं।
तीन दिन तक मौसम रहेगा सक्रिय
मौसम विभाग ने प्रदेश के लिए अगले तीन दिनों का विशेष अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां और मजबूत हो सकती हैं।
तापमान में मामूली बदलाव, गर्मी बरकरार
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन दर्ज नहीं किया गया। हालांकि न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखी गई है। रायपुर और राजनांदगांव सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं अंबिकापुर प्रदेश का सबसे ठंडा क्षेत्र रहा, जहां न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
कुछ इलाकों में दर्ज हुई हल्की बारिश
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा, लेकिन कुछ स्थानों पर हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई। छोटेडोंगर, मैनपाट और अंबिकापुर में लगभग 10-10 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों का दायरा बढ़ सकता है।
रायपुर में आंधी और बारिश के आसार
राजधानी रायपुर में शुक्रवार को मौसम बदला-बदला नजर आ सकता है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में धूलभरी आंधी भी चल सकती है। शहर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
अगले सप्ताह बढ़ सकती है मानसूनी गतिविधियां
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। यदि यही स्थिति बनी रहती है तो अगले सप्ताह से छत्तीसगढ़ में मानसून पूर्व गतिविधियां और अधिक प्रभावी हो सकती हैं। इससे प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की मात्रा बढ़ने और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

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