CG Teacher News: युक्तियुक्तकरण के बाद भी नहीं सुधरी स्कूलों की व्यवस्था विधानसभा में मंत्री गजेंद्र यादव ने मानी कमी, कही ये बड़ी बात

 CG Teacher News: युक्तियुक्तकरण के बाद भी नहीं सुधरी स्कूलों की व्यवस्था विधानसभा में मंत्री गजेंद्र यादव ने मानी कमी, कही ये बड़ी बात....

 

(फ़ाइल फोटो)
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र 2026 के दौरान सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। प्रदेश में चलाए गए व्यापक युक्तियुक्तकरण अभियान के बावजूद कई स्कूलों में छात्रों की संख्या के अनुसार पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इस बात को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सदन में स्वीकार किया।
विधायक के सवाल पर मंत्री ने दी जानकारी विधानसभा में कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से यह मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और क्या इसके लिए सरकार नई भर्ती या कोई विशेष आदेश जारी करेगी।
30 छात्रों पर 1 शिक्षक का है नियम
मंत्री गजेंद्र यादव ने जवाब देते हुए बताया कि नियमानुसार 30 छात्रों पर एक शिक्षक होना अनिवार्य है। हालांकि फिलहाल यह व्यवस्था प्रदेश के सभी स्कूलों में पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है। कई जिलों के स्कूलों में छात्रों की संख्या अधिक है, जबकि उनके अनुपात में शिक्षकों की तैनाती नहीं हो पाई है।
युक्तियुक्तकरण के बाद भी पूरी नहीं हो सकी व्यवस्था
मंत्री ने बताया कि सरकार ने शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण कर उन्हें जरूरत वाले स्कूलों में पदस्थापित करने की प्रक्रिया अपनाई थी। इसके बावजूद कई जगहों पर अभी भी शिक्षक-छात्र अनुपात संतुलित नहीं हो पाया है और कुछ स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है।
सरकार ने सुधार के लिए किए प्रयास
उन्होंने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस स्थिति को सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। शिक्षा विभाग स्कूलों की स्थिति की समीक्षा कर रहा है और जहां शिक्षकों की कमी है, वहां पदस्थापना सहित अन्य प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों में ज्यादा है समस्या
गौरतलब है कि प्रदेश के कई ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से शिक्षकों की कमी की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में विधानसभा में मंत्री द्वारा इस स्थिति को स्वीकार करना शिक्षा व्यवस्था की मौजूदा चुनौतियों को उजागर करता है।
अब देखना होगा कि सरकार कब तक प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में तय छात्र-शिक्षक अनुपात लागू कर पाती है और शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ