नकली पनीर पर शिकंजा: रायपुर में तीन यूनिट्स पर खाद्य विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई

 नकली पनीर पर शिकंजा: रायपुर में तीन यूनिट्स पर खाद्य विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई

रायपुर में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर के भाठागांव इलाके में स्थित केशरी बगीचा रोड पर संचालित KLP Dinch & Milk Products नामक पनीर निर्माण यूनिट पर खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। शिकायत मिलने के बाद की गई इस छापेमारी में फैक्ट्री के अंदर बेहद खराब हालात में पनीर बनता पाया गया, जिसके चलते तुरंत सख्त कदम उठाए गए।

गंदगी के बीच चल रहा था उत्पाद

जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि फैक्ट्री नाले के पास संचालित हो रही थी, जिससे आसपास का वातावरण पहले से ही अस्वच्छ था। अंदर की स्थिति और भी चिंताजनक थी पनीर बनाने और रखने की जगहों पर साफ-सफाई का अभाव था। कई टंकियों में रखा पनीर खुला पड़ा था, जहां मक्खियां भिनभिना रही थीं। ऐसी स्थिति में तैयार उत्पाद सीधे तौर पर लोगों की सेहत के लिए खतरा बन सकता था।

520 किलो पनीर जब्त कर किया नष्ट

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम ने मौके पर ही करीब 520 किलो पनीर जब्त कर लिया। स्वास्थ्य जोखिम को ध्यान में रखते हुए पूरे स्टॉक को नष्ट कर दिया गया, ताकि यह बाजार तक न पहुंच सके। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं को संभावित बीमारियों से बचाने के लिए जरूरी था।

फैक्ट्री सील, संचालक से पूछताछ

कार्रवाई के दौरान यूनिट को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। फैक्ट्री के संचालक अभिषेक परासर (पिता नरेश परासर) से भी पूछताछ की गई है। विभाग अब यह जांच कर रहा है कि उत्पादन में किन-किन नियमों का उल्लंघन हुआ और कब से इस तरह का संचालन किया जा रहा था।

राज्य स्तरीय टीम की बड़ी कार्रवाई

बताया जा रहा है कि मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। इसी के तहत राज्य स्तर की टीम गठित कर शहर की विभिन्न डेयरी और पनीर फैक्ट्रियों में लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इस कार्रवाई के दौरान सामने आए हालात ने विभाग को और सतर्क कर दिया है।

सेहत से खिलवाड़ पर सख्ती

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अगर जांच में गंभीर लापरवाही या मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे खुले या संदिग्ध स्थानों से खाद्य पदार्थ खरीदने से बचें।

यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि सस्ती चीजों के लालच में कहीं हम अपनी सेहत के साथ समझौता तो नहीं कर रहे।

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