एक्सपोज: लाखों यात्रियों की आवाज बनी खबर, रेलवे ने हरकत में आकर शुरू कराईं बंद टिकट मशीनें

 एक्सपोज: लाखों यात्रियों की आवाज बनी खबर, रेलवे ने हरकत में आकर शुरू कराईं बंद टिकट मशीनें

राजधानी रायपुर का रेलवे स्टेशन, जहां हर दिन लाखों यात्रियों की आवाजाही होती है, वहां की अव्यवस्था और लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। सोमवार को स्टेशन परिसर में ऐसी तस्वीर देखने को मिली जिसने रेलवे की सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। स्टेशन में लगी ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों (एटीवीएम) में से अधिकांश बंद पड़ी थीं, जिसके कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालत यह रही कि एक आम यात्री खुद मशीन से टिकट निकालकर लोगों को दे रहा था और बदले में उनसे पैसे भी वसूल रहा था।  

चार में से तीन मशीनें बंद, यात्रियों की लंबी कतार

सोमवार दोपहर करीब 3:20 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन का जायजा लिया गया। भीषण गर्मी के बीच प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर में यात्री परेशान नजर आए। कोई चेहरे पर पानी के छींटे मारकर राहत पाने की कोशिश कर रहा था तो कोई पंखों के नीचे बैठकर ट्रेन का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान मुख्य गेट नंबर-2 पर एटीवीएम मशीन के सामने यात्रियों की लंबी लाइन लगी हुई थी।

जांच करने पर पता चला कि वहां लगी चार मशीनों में से तीन बंद थीं। केवल एक मशीन चालू होने के कारण यात्रियों की भीड़ बढ़ती जा रही थी। टिकट निकालने में लोगों को दिक्कत हो रही थी और रेलवे का कोई कर्मचारी वहां मौजूद नहीं था।

आम यात्री बना टिकट ऑपरेटर

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एक आम यात्री खुद मशीन ऑपरेट कर यात्रियों को टिकट निकालकर दे रहा था। बातचीत में उसने अपना नाम दिलीप कुमार मिर्चे बताया। उसने कहा कि उसे बिलासपुर जाना था और ट्रेन आने में समय था। इस दौरान उसने देखा कि कई यात्री मशीन से टिकट निकाल नहीं पा रहे हैं, इसलिए वह उनकी मदद करने लगा।

मदद के बदले कुछ यात्रियों ने उसे 10 से 20 रुपए देने शुरू कर दिए। देखते ही देखते वह व्यक्ति टिकट निकालने और पैसे लेने का काम करने लगा। हैरानी की बात यह रही कि इस पूरी गतिविधि की भनक ना तो वहां मौजूद टीटीई को लगी और ना ही किसी रेलवे कर्मचारी ने ध्यान दिया।

सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए सवाल

इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे स्टेशन जैसी संवेदनशील जगह पर कोई भी व्यक्ति मशीन ऑपरेट कर टिकट निकालने लगे और पैसे वसूलने लगे, यह बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। यदि कोई गलत मंशा वाला व्यक्ति मशीन से छेड़छाड़ करता तो रेलवे को बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता था।

यात्रियों का कहना है कि स्टेशन में अक्सर एटीवीएम मशीनें बंद रहती हैं, जिसके कारण उन्हें लंबी लाइन में लगना पड़ता है। कई बार लोग मजबूरी में दूसरों की मदद लेते हैं।

खबर के बाद हरकत में आया रेलवे प्रशासन

मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे अधिकारियों से संपर्क कर बंद मशीनों की जानकारी दी गई। इसके बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया। अधिकारियों ने टिकट काउंटर से कर्मचारियों को मौके पर भेजा। जांच में पता चला कि मशीनों में रोल पेपर खत्म हो गया था, जिसके कारण वे बंद थीं।

करीब 10 मिनट बाद कर्मचारी रोल पेपर लेकर पहुंचे और मशीनों को दोबारा चालू किया गया। इसके बाद यात्रियों को टिकट मिलने शुरू हुए और लंबी लाइन कुछ हद तक कम हुई।

प्लेटफॉर्म ए-1 की मशीन भी मिली खराब

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि प्लेटफॉर्म ए-1 में लगी एटीवीएम मशीन भी खराब पड़ी हुई थी। जानकारी के मुताबिक इन मशीनों की जिम्मेदारी एसीएम अविनाश कुमार आनंद के पास है। बावजूद इसके स्टेशन में आए दिन मशीनें बंद रहने की शिकायतें सामने आती रहती हैं।

सूत्रों के अनुसार, इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं। डीआरएम दयानंद ने भी पूर्व में नाराजगी जताते हुए निरीक्षण के निर्देश दिए थे, लेकिन हालात में कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा।

गर्मी से बेहाल दिखे यात्री

स्टेशन परिसर में गर्मी का असर भी साफ दिखाई दिया। प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर यात्री वाटर एटीएम के पास जाकर पानी से चेहरे पर छींटे मारते नजर आए। हालांकि मशीन से निकलने वाला पानी भी हल्का गर्म था। यात्रियों ने कहा कि भीषण गर्मी में राहत पाने के लिए उन्हें यही सहारा लेना पड़ रहा है।

यात्रियों ने उठाए सवाल

यात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। टिकट मशीनें बंद रहना, कर्मचारियों की अनुपस्थिति और गर्मी में पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलना यात्रियों की परेशानी बढ़ा रहा है। लोगों ने रेलवे प्रशासन से व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ