रायपुर। रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की जेब और सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। स्टेशन के स्टॉलों पर आईआरसीटीसी (IRCTC) के आधिकारिक लोगो का अवैध इस्तेमाल कर कम क्षमता (साइज़) वाले कपों में चाय-कॉफी बेची जा रही थी। रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुढ़ियारी स्थित एक पेपर फर्म पर छापा मारा और 14 बोरे अवैध कप सील कर जब्त कर लिए हैं।
सीनियर डीसीएम के शक ने बिगाड़ा खेल
मामले का खुलासा तब हुआ जब रायपुर रेलवे स्टेशन पर सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी ने स्टॉलों पर इस्तेमाल होने वाले चाय-कॉफी के कपों की क्षमता (कैपेसिटी) पर संदेह जताया। नियमानुसार यात्रियों को 170/150 एमएल के कप में चाय दी जानी चाहिए, लेकिन स्टॉलों पर कम साइज के कपों का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा था। जब कड़ाई से जांच की गई तो पता चला कि इन कपों की सप्लाई नर्मदापारा स्थित 'रवि ट्रेडिंग' द्वारा की जा रही थी।
गुढ़ियारी की 'आदित्य पेपर फर्म' में छापा, नापतोल विभाग ने की जब्ती
रवि ट्रेडिंग के संचालक से पूछताछ के बाद इस काले कारोबार के मुख्य केंद्र 'आदित्य पेपर फर्म' (गुढ़ियारी) का पता चला। इसके तुरंत बाद रायपुर एसडीएम नंद कुमार चौबे और नापतोल विभाग के निरीक्षकों की टीम ने फर्म के ठिकाने पर अचानक दबिश दी। जांच के दौरान वहां आईआरसीटीसी के लोगो छपे हुए कम क्षमता वाले कपों के 14 बड़े बोरे बरामद हुए। नापतोल विभाग ने कपों की वास्तविक मापन क्षमता की सटीक जांच करने के लिए सभी बोरों को सील कर अपने कब्जे में ले लिया है।
ब्रांड नेम का दुरुपयोग और यात्रियों से ठगी
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, आईआरसीटीसी के लोगो का इस तरह बिना अनुमति इस्तेमाल करना कानूनी अपराध है। कम साइज के कपों का इस्तेमाल कर न सिर्फ यात्रियों को तय मात्रा से कम चाय-कॉफी दी जा रही थी, बल्कि रेलवे के ब्रांड नेम का भी दुरुपयोग किया जा रहा था। प्रशासन अब इस मामले में शामिल सभी सप्लायरों और स्टॉल संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है।



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