महंगाई का नया झटका: छत्तीसगढ़ में घरेलू गैस सिलेंडर 29 रुपये महंगा, तीन महीने में 89 रुपये बढ़ी कीमत

 महंगाई का नया झटका: छत्तीसगढ़ में घरेलू गैस सिलेंडर 29 रुपये महंगा, तीन महीने में 89 रुपये बढ़ी कीमत


छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरों के लागू होने के बाद रायपुर में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू गैस सिलेंडर अब 984 रुपये के बजाय 1013 रुपये में मिलेगा। बढ़ी हुई कीमतें रविवार से प्रभावी हो गई हैं। गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से सीधे तौर पर आम परिवारों के मासिक बजट पर असर पड़ेगा, खासकर उन लोगों पर जो पहले से ही बढ़ती महंगाई का सामना कर रहे हैं।

तीन महीने में दूसरी बार बढ़े दाम

घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में हाल के महीनों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। इससे पहले मार्च में भी एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए थे। मार्च में हुई 60 रुपये की वृद्धि के बाद अब 29 रुपये और बढ़ने से तीन महीने के भीतर घरेलू सिलेंडर कुल 89 रुपये महंगा हो चुका है। लगातार बढ़ती कीमतों ने मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि रसोई गैस उनकी रोजमर्रा की जरूरतों का अहम हिस्सा है।

कमर्शियल सिलेंडर भी हुआ महंगा

घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी राहत नहीं मिली है। करीब एक सप्ताह पहले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी लगभग 53 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों में उपयोग होने वाले कमर्शियल सिलेंडर के महंगे होने से कारोबारियों की लागत बढ़ी है। इसका असर आने वाले समय में खाने-पीने की वस्तुओं और अन्य सेवाओं की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।

तेल कंपनियों ने बताई वजह

सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा संसाधनों की कीमतें बढ़ने और घरेलू बिक्री पर लगातार नुकसान होने के कारण एलपीजी के दाम बढ़ाने पड़े हैं। कंपनियों के अनुसार, घरेलू गैस सिलेंडर पर उन्हें लंबे समय से आर्थिक दबाव झेलना पड़ रहा है। बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद नुकसान की पूरी भरपाई नहीं हो पाएगी।

पेट्रोल, डीजल और सीएनजी भी महंगे

एलपीजी से पहले पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। बीते कुछ सप्ताह में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कुल मिलाकर लगभग 7.50 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ी हैं, जबकि सीएनजी भी करीब 6 रुपये प्रति किलो महंगी हुई है। ऊर्जा उत्पादों की बढ़ती कीमतों का असर आम लोगों की जेब से लेकर परिवहन और बाजार की लागत तक महसूस किया जा रहा है। ऐसे में महंगाई का दबाव आने वाले दिनों में और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ