जान जोखिम में डालकर सफर! अंतागढ़-रायपुर डेमू ट्रेन में दरवाजों पर लटकने को मजबूर यात्री, अतिरिक्त बोगियों की मांग तेज

 जान जोखिम में डालकर सफर! अंतागढ़-रायपुर डेमू ट्रेन में दरवाजों पर लटकने को मजबूर यात्री, अतिरिक्त बोगियों की मांग तेज  


अंतागढ़-दल्लीराजहरा-रायपुर पैसेंजर (डेमू) ट्रेन में बढ़ती भीड़ अब यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। पर्याप्त बोगियां नहीं होने के कारण रोजाना सैकड़ों लोग ठसाठस भरी ट्रेन में सफर करने को मजबूर हैं। हालत यह है कि कई यात्रियों को ट्रेन के दरवाजों पर लटककर यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे किसी भी समय हादसे की आशंका बनी हुई है।

 गुंडरदेही स्टेशन के पास दिखी खतरनाक तस्वीर  

शनिवार दोपहर गुंडरदेही रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की स्थिति ने व्यवस्था की पोल खोल दी। यात्रियों के अनुसार ट्रेन में इतनी भीड़ थी कि बोगियों के भीतर खड़े होने तक की जगह नहीं बची थी। मजबूरी में कई लोग दरवाजों और बोगियों के किनारों पर खड़े होकर सफर करते नजर आए। यात्रियों का कहना है कि रोजाना यही स्थिति देखने को मिल रही है।

वायरल वीडियो ने उजागर की हकीकत  

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में भी डेमू ट्रेन की भयावह तस्वीर सामने आई है। वीडियो में ट्रेन यात्रियों से पूरी तरह भरी हुई दिखाई दे रही है। दर्जनों लोग दरवाजों पर लटककर यात्रा कर रहे हैं, जबकि अंदर क्षमता से कहीं अधिक यात्री मौजूद हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो बड़ा हादसा हो सकता है।

 यात्रियों की संख्या बढ़ी, सुविधाएं नहीं  

ताड़ोकी तक रेल सेवा विस्तार के बाद इस रूट पर यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। बालोद, दल्लीराजहरा, गुंडरदेही, अंतागढ़ और आसपास के क्षेत्रों के छात्र, कर्मचारी, व्यापारी और आम नागरिक बड़ी संख्या में इस ट्रेन पर निर्भर हैं। लेकिन यात्रियों की बढ़ती संख्या के अनुपात में ट्रेन में अतिरिक्त बोगियां नहीं जोड़ी गई हैं।

 अतिरिक्त कोच की मांग फिर हुई तेज  

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि रेलवे प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपकर अतिरिक्त बोगियां जोड़ने की मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों ने मांग की है कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ट्रेन में कम से कम चार अतिरिक्त बोगियां तत्काल जोड़ी जाएं, ताकि भीड़ कम हो और सफर सुरक्षित बन सके।

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