विधायक-प्रशासन टकराव में बड़ा एक्शन: नायब तहसीलदार हटाए गए, अब SDM पर भी लटक रही कार्रवाई की तलवार

 विधायक-प्रशासन टकराव में बड़ा एक्शन: नायब तहसीलदार हटाए गए, अब SDM पर भी लटक रही कार्रवाई की तलवार


छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में विधायक रामकुमार टोप्पो और राजस्व अधिकारियों के बीच हुए विवाद के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। सीतापुर क्षेत्र में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक को उनके वर्तमान दायित्वों से हटा दिया गया है। उन्हें अंबिकापुर स्थित कलेक्टर कार्यालय से अटैच किया गया है। वहीं प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि एसडीएम फागेश सिन्हा के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई हो सकती है और उनके तबादले का आदेश आने वाले दिनों में जारी किया जा सकता है।

मारपीट के आरोप से शुरू हुआ पूरा विवाद  

यह मामला तब सामने आया जब नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर मारपीट करने का आरोप लगाया। शिकायत के आधार पर विधायक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई। घटना के बाद विधायक ने गिरफ्तारी देने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक उन्होंने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण नहीं किया है। इस मामले ने पूरे प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी थी।

हड़ताल पर गए थे सैकड़ों राजस्व अधिकारी  

विवाद बढ़ने के बाद राज्यभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। करीब 500 अधिकारियों ने हड़ताल का रास्ता अपनाया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। बाद में राजस्व मंत्री की ओर से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन वापस ले लिया गया। इसके बाद सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौट आए।

विधायक की मांग के बाद बढ़ी कार्रवाई की रफ्तार  

सूत्रों के अनुसार, विधायक रामकुमार टोप्पो ने हाल ही में जिला कलेक्टर से मुलाकात कर संबंधित अधिकारियों को हटाने की मांग रखी थी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर चर्चा हुई और कुछ सहमति बनने की खबर सामने आई। इसी क्रम में तुषार मानिक को हटाने का आदेश जारी किया गया। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि एसडीएम फागेश सिन्हा के मामले में प्रशासन क्या फैसला लेता है।

सामान्य हुआ कामकाज, लोगों को मिली राहत  

हड़ताल समाप्त होने के बाद जिले की सभी तहसीलों में कामकाज फिर से पटरी पर लौट आया है। राजस्व निरीक्षक, पटवारी और अन्य कर्मचारी भी ड्यूटी पर वापस आ चुके हैं। लंबे समय से रुके हुए कई काम अब तेजी से निपटाए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों को राहत मिली है और तहसील कार्यालयों में फिर से रौनक लौट आई है।

दोनों पक्षों के आरोपों से मामला बना संवेदनशील  

पूरे विवाद की जड़ दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप हैं। विधायक पक्ष का कहना है कि उनकी रिश्तेदार के साथ अधिकारी ने अभद्र व्यवहार किया था, जबकि तुषार मानिक का आरोप है कि इसी मुद्दे को लेकर विधायक और उनके समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। फिलहाल पूरे प्रदेश की नजर इस मामले में आगे होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर बनी हुई है।

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