CG BREAKING: एकसाल बाद जेल से रिहा हुए पूर्व मंत्री लखमा, समर्थकों ने किया स्वागत, बोले – “सत्य की जीत”

एकसाल बाद जेल से रिहा हुए पूर्व मंत्री लखमा, समर्थकों ने किया स्वागत, बोले – “सत्य की जीत”


रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद पूर्व आबकारी मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा करीब एक साल बाद बुधवार को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हुए। जेल से बाहर आते ही समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

रिहाई के समय जेल परिसर के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। इस दौरान लखमा की पत्नी कवासी बुदरी, कोंटा विधायक विक्रम मंडावी, सावित्री मंडावी सहित बस्तर अंचल से आए कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। जेल से बाहर निकलते ही कवासी लखमा ने हाथ जोड़कर समर्थकों का अभिवादन किया और कहा कि यह “सत्य की जीत” है।

शराब घोटाले मामले में थे बंद

गौरतलब है कि कवासी लखमा पिछले एक वर्ष से शराब घोटाले के मामले में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन पर करीब 70 करोड़ रुपये के कमीशन लेने का आरोप लगाया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने, जिसमें चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाला बाक्ची और जस्टिस पंचोली शामिल थे, ED और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) द्वारा दर्ज मामलों की संयुक्त सुनवाई की।


जेल के बहार समर्थक इंतजार करते हुवे
सुप्रीम कोर्ट ने इन शर्तों पर दी जमानत

विस्तृत सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कवासी लखमा को अंतरिम जमानत प्रदान की, हालांकि कोर्ट ने जमानत के साथ सख्त शर्तें भी लगाई हैं। शर्तों के अनुसार लखमा को छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहना होगा। केवल कोर्ट में पेशी या कानूनी प्रक्रिया के लिए ही उन्हें राज्य में प्रवेश की अनुमति होगी। इसके अलावा उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और वर्तमान पता व मोबाइल नंबर संबंधित पुलिस थाने में दर्ज कराना अनिवार्य रहेगा।

उल्लेखनीय है कि प्रवर्तन निदेशालय ने कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें सात दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई, इसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। तब से वे रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे।

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