AAP में सियासी भूचाल: राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों का इस्तीफा, BJP में शामिल होने का बड़ा फैसला

 AAP में सियासी भूचाल: राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों का इस्तीफा, BJP में शामिल होने का बड़ा फैसला  


देश की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब Raghav Chadha ने आम आदमी पार्टी (AAP) से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया. उनके इस फैसले ने न सिर्फ पार्टी बल्कि पूरे राजनीतिक परिदृश्य को झकझोर कर रख दिया है. खास बात यह है कि वे अकेले नहीं हैं उनके साथ छह अन्य राज्यसभा सांसद भी पार्टी छोड़कर Bharatiya Janata Party (BJP) में शामिल होने जा रहे हैं.

 दो-तिहाई बहुमत से विलय का दावा  

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि लंबे समय से चल रहे असंतोष का नतीजा है. उन्होंने बताया कि राज्यसभा में AAP के कुल 10 सांसदों में से 7 सांसदों ने मिलकर पार्टी का बीजेपी में विलय करने का निर्णय लिया है, जो कि संविधान के अनुसार दो-तिहाई बहुमत के तहत वैध है.

 किन नेताओं ने छोड़ी AAP  

AAP छोड़ने वाले सांसदों में Sandeep Pathak, Ashok Mittal, Harbhajan Singh, Swati Maliwal, Rajendra Gupta और Vikramjit Singh Sahney शामिल हैं. इन सभी नेताओं का एक साथ पार्टी छोड़ना AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

पार्टी पर गंभीर आरोप  

राघव चड्ढा ने पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस AAP को उन्होंने अपने 15 साल दिए, वह अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है. उनके मुताबिक, पार्टी अब देशहित के बजाय निजी हितों के लिए काम कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लंबे समय से ऐसा महसूस हो रहा था कि वे “गलत पार्टी में सही इंसान” हैं.

 पुराने दिनों को किया याद  

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत का जिक्र करते हुए बताया कि राजनीति में आने से पहले वे एक चार्टर्ड अकाउंटेंट थे. उस समय पार्टी में कई शिक्षित और समर्पित लोग जुड़े थे, जिनका उद्देश्य भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाना था. लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और पार्टी कथित रूप से समझौता करने वाली ताकतों के प्रभाव में आ गई है.

हालिया घटनाक्रम ने बढ़ाई दूरी  

हाल के घटनाक्रम भी इस फैसले की ओर इशारा कर रहे थे. AAP ने कुछ समय पहले राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया था. इसके अलावा Bhagwant Mann के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने उनकी सुरक्षा भी वापस ले ली थी. हालांकि बाद में केंद्र सरकार द्वारा उन्हें नई सुरक्षा प्रदान की गई.

राजनीतिक असर क्या होगा?  

यह पूरा घटनाक्रम भारतीय राजनीति में नए समीकरणों की ओर संकेत करता है. जहां BJP के लिए यह एक बड़ी राजनीतिक बढ़त हो सकती है, वहीं AAP के लिए यह गंभीर संकट का संकेत है. आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि इस फैसले का असर राष्ट्रीय राजनीति पर किस तरह पड़ता है.

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