रायपुर में ईंधन संकट गहराया: खपत में उछाल, व्यवस्था पर उठे सवाल

 रायपुर में ईंधन संकट गहराया: खपत में उछाल, व्यवस्था पर उठे सवाल  

रायपुर। राजधानी में पेट्रोल-डीजल को लेकर स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। चार दिन बाद कुछ राहत जरूर दिखी है, लेकिन हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। जिले में पहले जहां 50 से अधिक पेट्रोल पंप ड्राई हो चुके थे, वहीं अब यह संख्या घटकर करीब 13 रह गई है। इसके बावजूद आम लोगों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही।

खपत में अचानक बढ़ोतरी  

खाद्य विभाग के अनुसार, मौजूदा हालात में पेट्रोल और डीजल की खपत में करीब 20 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। रोजाना औसतन 4.65 लाख लीटर पेट्रोल की खपत हो रही है, जबकि डीजल की खपत भी तेजी से बढ़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों द्वारा जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने की प्रवृत्ति ने इस संकट को और गहरा कर दिया है।

पंपों पर भीड़, फिर भी समय से पहले बंद  

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने पेट्रोल पंपों को 24 घंटे खुले रखने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। अधिकांश पंप रात 10 बजे के बाद ही बंद हो जा रहे हैं। इससे पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। केसरी बगीचा इलाके में एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल उपलब्ध होने के बावजूद वितरण बंद कर दिए जाने का वीडियो भी सामने आया है, जिसने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 नियमों की अनदेखी, कार्रवाई नदारद  

देवपुरी स्थित जियो पेट्रोल पंप का एक वीडियो भी चर्चा में है, जिसमें छोटे ड्रमों में पेट्रोल भरकर ले जाते हुए दिखाया गया। नियमों के मुताबिक इस तरह ईंधन देना प्रतिबंधित है, लेकिन अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पंप संचालक ने अस्पताल आपूर्ति का हवाला दिया, जिसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

आगे की चुनौती  

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर खपत पर नियंत्रण नहीं किया गया और निगरानी तंत्र मजबूत नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है। प्रशासन ने ईंधन आपूर्ति वाहनों को 24 घंटे शहर में प्रवेश की अनुमति दी है, लेकिन इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी सवाल बने हुए हैं।

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