रेप केस के बीच वायरल हुआ VIDEO, कारोबारी बोला – “ठेका दिलाने के नाम पर लिए 80 लाख”
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भाजपा से जुड़ी एक महिला नेता और रांची के कारोबारी संजय सिंह के बीच विवाद ने प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। मामला तब और ज्यादा चर्चा में आ गया जब कारोबारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने भाजपा नेत्री पर गंभीर आर्थिक आरोप लगाए। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
कारोबारी का वीडियो वायरल, लगाए गंभीर आरोप
रांची निवासी कारोबारी और कोयला ठेकेदार संजय सिंह ने वीडियो जारी कर दावा किया कि उनका और भाजपा नेत्री का परिचय व्यावसायिक और सामाजिक संबंधों के जरिए हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि कोल माइंस और ठेके दिलाने के नाम पर उनसे करीब 80 लाख रुपये लिए गए।
वीडियो में संजय सिंह भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से वे अपनी रकम वापस मांग रहे थे, लेकिन पैसा लौटाने के बजाय उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाकर मामला दर्ज करा दिया गया। कारोबारी ने यह भी दावा किया कि पिछले सात महीनों से दोनों के बीच कोई व्यक्तिगत मुलाकात नहीं हुई थी और केवल फोन पर बातचीत होती रही।
“जब मुलाकात नहीं हुई तो शोषण कैसे?”
वीडियो में संजय सिंह ने सवाल उठाया कि जब कई महीनों से आमने-सामने मुलाकात ही नहीं हुई, तो दैहिक शोषण जैसे आरोप किस आधार पर लगाए गए। उन्होंने कहा कि आर्थिक विवाद के बाद उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है।
कारोबारी के अनुसार हाल ही में रायपुर में फोन पर बातचीत के दौरान उन्हें रकम लौटाने का भरोसा दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने बैंक खाते की जानकारी भी ली, लेकिन बाद में मोबाइल बंद कर दिया गया और पैसा वापस नहीं किया गया।
भाजपा नेत्री ने दर्ज कराई थी एफआईआर
इस विवाद की शुरुआत भाजपा नेत्री द्वारा बिलासपुर के सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई गई शिकायत से हुई थी। शिकायत में संजय सिंह पर ढाई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और दैहिक शोषण के आरोप लगाए गए थे।
एफआईआर दर्ज होने के बाद बिलासपुर पुलिस की टीम रांची पहुंची और कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद वीडियो सामने आने से पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।
कोयला ठेका दिलाने के नाम पर भरोसा देने का दावा
वीडियो में संजय सिंह ने यह भी कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ और ओडिशा में कोल माइंस से जुड़े काम दिलाने का भरोसा दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान कुछ प्रभावशाली लोगों और राजनीतिक संपर्कों का हवाला देकर उन्हें विश्वास में लिया गया।
हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं।
भाजपा संगठन के भीतर बढ़ी चर्चा
मामले ने भाजपा संगठन के भीतर भी हलचल पैदा कर दी है। पार्टी से जुड़े कई नेता और कार्यकर्ता निजी तौर पर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि सार्वजनिक रूप से कोई भी खुलकर बयान देने से बच रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मामला आगे बढ़ने पर इसका असर स्थानीय राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई प्रोफाइल
विवाद सामने आने के बाद भाजपा नेत्री की सोशल मीडिया प्रोफाइल तेजी से वायरल होने लगी। फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म पर उनके राजनीतिक कार्यक्रमों, सामाजिक गतिविधियों और नेताओं के साथ तस्वीरें चर्चा में हैं।
जानकारी के मुताबिक वे लंबे समय से सामाजिक संगठनों और एनजीओ गतिविधियों से जुड़ी रही हैं। साथ ही राजनीतिक रूप से सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी भी कर रही थीं।
कोटा विधानसभा से चुनाव लड़ने की चर्चा
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार भाजपा नेत्री लंबे समय से कोटा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की इच्छा जता रही थीं। संगठन स्तर पर भी वे लगातार सक्रिय बनी हुई थीं। ऐसे समय में यह विवाद सामने आने से उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जांच के बाद साफ होगी स्थिति
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोप गंभीर हैं, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला अब केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं रह गया है, बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का बड़ा मुद्दा बन चुका है।

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