कभी 500 की रिश्वत पर सख्त हुए थे IPS, अब 1 करोड़ के रिश्वत आरोप ने बढ़ाई मुश्किल

 कभी 500 की रिश्वत पर सख्त हुए थे IPS, अब 1 करोड़ के रिश्वत आरोप ने बढ़ाई मुश्किल

रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से पुलिस जांच से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। साइबर ठगी के एक केस की जांच के दौरान कथित तौर पर 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने और हवाला के जरिए रकम लेने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में ट्रेनी IPS राहुल बंसल का नाम भी शामिल है। मामला अब दिल्ली की विशेष CBI अदालत तक पहुंच गया है, जहां शिकायत के आधार पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है।

इस मामले में पुलिस विभाग ने शुरुआती कार्रवाई करते हुए अंबिकापुर साइबर सेल में तैनात ASI प्रवीण कुमार राठौर और कांस्टेबल अंशुल शर्मा को लाइन अटैच कर दिया है। दोनों पुलिसकर्मियों से जुड़ी कथित बातचीत का ऑडियो सामने आने के बाद विभाग ने यह कदम उठाया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

साइबर फ्रॉड के केस से शुरू हुआ विवाद

मामले की शुरुआत अंबिकापुर में दर्ज एक साइबर ठगी की शिकायत से हुई थी। पुलिस के मुताबिक, एक क्रशर कारोबारी ने शिकायत की थी कि शेयर मार्केट में निवेश और ट्रेडिंग का झांसा देकर उसके साथ करीब 20 लाख 15 हजार रुपये की ठगी की गई।

शिकायत के अनुसार, पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 84 किश्तों के जरिए रकम जमा कराई गई थी। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने इसकी जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इसी जांच के दौरान अब कथित रिश्वत का आरोप सामने आया है।

शिकायत में क्या दावा किया गया?

हरियाणा निवासी आकाश कुमार ने दिल्ली की विशेष CBI अदालत में परिवाद दाखिल किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि साइबर ठगी के मामले में आरोपियों को राहत देने और जांच में कथित तौर पर रियायत देने के बदले एक करोड़ रुपये की मांग की गई।

शिकायतकर्ता का दावा है कि कथित रकम सामान्य बैंकिंग माध्यम से न लेकर हवाला नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई। आरोप के मुताबिक, रकम दो हिस्सों में करीब 50-50 लाख रुपये के रूप में दी गई।

परिवाद में ट्रेनी IPS राहुल बंसल के अलावा ASI प्रवीण कुमार राठौर और कांस्टेबल अंशुल शर्मा के नाम भी शामिल किए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों को अभी अंतिम रूप से साबित नहीं माना जा सकता है। मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

ऑडियो सामने आया, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

मामले में ASI और कांस्टेबल की कथित बातचीत का ऑडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने दोनों के खिलाफ तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की। प्रवीण कुमार राठौर और अंशुल शर्मा को लाइन अटैच कर दिया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, ऑडियो की सामग्री और उससे जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद यदि आरोपों की पुष्टि करने वाले पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो विभागीय कार्रवाई के साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने पर भी फैसला लिया जा सकता है।

वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राहुल बंसल के खिलाफ 1 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन को साबित करने के लिए शिकायतकर्ता से साक्ष्य मांगे गए थे। फिलहाल उनके मुताबिक इस संबंध में ठोस प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया गया है।

WhatsApp चैट और कॉल रिकॉर्डिंग का भी जिक्र

शिकायतकर्ता ने अपने परिवाद में कथित WhatsApp चैट और कॉल रिकॉर्डिंग का भी उल्लेख किया है। दावा किया गया है कि पैसों से संबंधित बातचीत को रिकॉर्ड किया गया था और बाद में इन्हें शिकायत के साथ जांच एजेंसी तथा अदालत के समक्ष रखा गया।

शिकायतकर्ता का कहना है कि पहले CBI के सामने शिकायत की गई थी। जब अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, तो उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया।

अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल कथित ऑडियो और डिजिटल रिकॉर्ड की वास्तविकता तथा उनकी पुष्टि का है। यह भी जांच का विषय होगा कि बातचीत किस संदर्भ में हुई और क्या कथित रकम के लेन-देन का स्वतंत्र प्रमाण मौजूद है।

CBI कोर्ट ने क्या किया?

दिल्ली की विशेष CBI अदालत ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। अदालत की प्रक्रिया का उद्देश्य मामले में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब और तथ्य सामने लाना है।

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि नोटिस जारी होना किसी आरोपी को दोषी घोषित करना नहीं होता। फिलहाल आरोपों की न्यायिक जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। अंतिम स्थिति साक्ष्यों और अदालत के सामने होने वाली आगामी कार्यवाही से तय होगी।

अब जांच पर टिकी निगाहें

मामले में अब विभागीय जांच, कथित रिश्वत की मांग, हवाला लेन-देन और सामने आए डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल अहम होगी। यदि रिकॉर्डिंग, चैट या अन्य दस्तावेजों से आरोपों की पुष्टि होती है, तो आगे कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।

फिलहाल ASI प्रवीण कुमार राठौर और कांस्टेबल अंशुल शर्मा लाइन अटैच किए जा चुके हैं, जबकि ट्रेनी IPS राहुल बंसल पर लगाया गया 1 करोड़ रुपये की रिश्वत का आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। आने वाले दिनों में विभागीय जांच और अदालत में पेश होने वाले तथ्यों से यह साफ होगा कि इस पूरे मामले में वास्तविकता क्या है।

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