रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक बड़ा आदेश जारी हुआ है। अब जिन शिक्षकों और कर्मचारियों की ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज नहीं होगी, उनके वेतन पर असर पड़ सकता है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने साफ कर दिया है कि जुलाई 2026 की सैलरी ऑनलाइन उपस्थिति के रिकॉर्ड के आधार पर ही बनाई जाएगी।
DPI की ओर से प्रदेशभर के संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा और जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि सरकारी स्कूलों और कार्यालयों में काम करने वाले सभी शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की उपस्थिति ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम के जरिए दर्ज की जा रही है।
जितने दिन ऑनलाइन हाजिरी, उतने दिन का मिलेगा वेतन
DPI के आदेश के अनुसार, जिन कर्मचारियों का ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम में रजिस्ट्रेशन हो चुका है, उनका वेतन उसी आधार पर तैयार किया जाएगा।
यानी किसी कर्मचारी ने पूरे महीने जितने दिन ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराई होगी, उसे उतने ही दिनों का वेतन मिलेगा। अगर किसी दिन की ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज नहीं हुई है, तो उस दिन का वेतन बनने में परेशानी हो सकती है।
शिक्षकों और कर्मचारियों में बढ़ी चिंता
DPI के इस आदेश के बाद प्रदेशभर के शिक्षकों और कर्मचारियों में हलचल बढ़ गई है। कई कर्मचारियों को अब चिंता है कि अगर किसी तकनीकी समस्या या अन्य कारणों से ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज नहीं हुई तो इसका असर उनकी सैलरी पर पड़ सकता है।
खासकर उन शिक्षकों और कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई है, जो अटैचमेंट खत्म होने के बाद अभी तक अपने मूल स्कूल में जाकर जॉइनिंग नहीं दे पाए हैं।
अटैचमेंट खत्म होने के बाद स्कूल में देनी थी जॉइनिंग
बता दें कि प्रदेश में शिक्षकों और कर्मचारियों के अटैचमेंट यानी संलग्नीकरण को खत्म करने का आदेश पहले ही जारी किया गया था। इसके बाद सभी को अपने संबंधित स्कूलों और कार्यालयों में जाकर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए थे।
साथ ही, संबंधित स्थान पर पहुंचकर ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज करने के लिए भी कहा गया था। अब DPI ने वेतन को ऑनलाइन उपस्थिति से जोड़ते हुए व्यवस्था को और सख्त कर दिया है।
विभाग ने अधिकारियों को दिए निगरानी के निर्देश
DPI ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था का पालन सुनिश्चित कराया जाए। इसका उद्देश्य कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति को बेहतर बनाना और स्कूलों में व्यवस्था को मजबूत करना बताया जा रहा है।
अब शिक्षकों और कर्मचारियों को समय पर स्कूल पहुंचकर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराना जरूरी होगा, ताकि वेतन संबंधी किसी परेशानी से बचा जा सके।

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