प्रदेश के 13वें मुख्यसचिव होंगे शील, 1994 बैच के है आईएएस ऑफिसर
रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विकास शील को प्रदेश का अगला मुख्य सचिव बनाए जाने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। मनीला स्थित एशियाई विकास बैंक (ADB) से वे औपचारिक रूप से रिलीव हो चुके हैं और जल्द ही रायपुर में अपनी नई जिम्मेदारी संभालने के लिए लौटने वाले हैं। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह तक राज्य सरकार की ओर से उनका मुख्य सचिव के रूप में आदेश जारी कर दिया जाएगा।
मजबूत प्रशासनिक पृष्ठभूमि
विकास शील 1994 बैच के आईएएस अफसर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मध्यप्रदेश कैडर से की थी, लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद वे नए राज्य के कैडर में आ गए। बिलासपुर, कोरिया और रायपुर जैसे जिलों में वे कलेक्टर रह चुके हैं। सचिव स्तर पर वे शिक्षा, खाद्य, सामान्य प्रशासन, स्वास्थ्य, पेयजल और स्वच्छता जैसे कई अहम विभाग संभाल चुके हैं। उनकी निर्णय क्षमता और जमीनी समझ ने उन्हें प्रशासन में एक सशक्त चेहरा बनाया है।
केंद्र से प्रदेश की ओर वापसी
2018 से विकास शील केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत थे। उन्होंने भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में और जल शक्ति मंत्रालय में जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक के तौर पर उल्लेखनीय कार्य किया। जनवरी 2024 में उन्हें ADB, मनीला में कार्यकारी निदेशक के सलाहकार पद पर तैनात किया गया था, लेकिन अब उन्हें विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में मुख्य सचिव की जिम्मेदारी के लिए बुला लिया गया है।
शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय अनुभव
उत्तर प्रदेश के मूल निवासी विकास शील ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीई और एमई किया है। इसके अलावा उन्होंने अमेरिका के सिरैक्यूज़ विश्वविद्यालय से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और हेल्थ पॉलिसी में मास्टर्स व सर्टिफिकेट कोर्स किया है। उनकी शिक्षा का तकनीकी और प्रशासनिक संतुलन उन्हें एक सक्षम और दूरदर्शी नौकरशाह बनाता है।
पति–पत्नी दोनों सेम बैच के आईएएस
शील की पत्नी निधि छिब्बर भी 1994 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और हरियाणा की रहने वाली हैं। वे वर्तमान में नीति आयोग में ‘विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO)’ की महानिदेशक हैं। उनका भी जल्द ही नीति आयोग से रिलीव होने की प्रक्रिया में हैं। दोनों अफसर लंबे समय से प्रशासनिक सेवा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
सरकार का भरोसा बने शील
विकास शील की अचानक वापसी और मुख्य सचिव पद की तैयारी को लेकर राज्य की ब्यूरोक्रेसी में हलचल है। प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बन गया है कि इस फैसले को इतनी तेजी से कैसे अंजाम दिया गया। सरकार की ओर से संकेत मिल रहे हैं कि वह प्रशासनिक स्थायित्व को प्राथमिकता दे रही है, और इसी वजह से यह नियुक्ति बिना देरी के की जा रही है।

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