CG News: दंतेवाड़ा में नक्सलियों की कायराना हरकत, प्रेशर IED ब्लास्ट में CRPF के दो जवान घायल

CG News:  दंतेवाड़ा में नक्सलियों की कायराना हरकत, प्रेशर IED ब्लास्ट में CRPF के दो जवान घायल



छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में एक बार फिर नक्सल हिंसा ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. शनिवार को मालेवाही थाना क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा बिछाई गई प्रेशर IED की चपेट में आकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए. दोनों जवानों को प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.

घटना सुबह उस वक्त हुई जब CRPF की 195वीं बटालियन के जवान रोजाना की तरह इलाके में एरिया डोमिनेशन पर निकले थे. मालेवाही और सातधार के बीच जंगल क्षेत्र में गश्त के दौरान जवानों का पैर नक्सलियों द्वारा पहले से बिछाई गई प्रेशर IED पर पड़ गया, जिससे जोरदार विस्फोट हो गया.

घायल जवानों की पहचान

धमाके में घायल हुए जवानों की पहचान इंस्पेक्टर दीवान सिंह गुर्जर और आरक्षक आलम मुनेश के रूप में हुई है. दोनों को धमाके के कारण हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं. ब्लास्ट के तुरंत बाद उनके साथी जवानों ने सूझबूझ दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और फौरन जिला अस्पताल पहुंचाया.

घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था सख्त

घटना की पुष्टि करते हुए दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय ने कहा कि यह नक्सलियों की एक सुनियोजित और कायरतापूर्ण हरकत है. उन्होंने बताया कि इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है और नक्सलियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है.

उन्होंने यह भी कहा कि जवानों का मनोबल इस तरह की घटनाओं से कमजोर नहीं होगा, बल्कि इससे हमारी कार्यवाही और भी मजबूत होगी. घायल जवानों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के लिए मेडिकल टीम को अलर्ट पर रखा गया है.

फिर से उठे सवाल, कब थमेगा नक्सल आतंक?

इस हमले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि नक्सलियों पर लगाम कब लगेगी? राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई के बावजूद नक्सली अब भी घात लगाए बैठे हैं. हालांकि सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना बताती है कि जमीनी स्तर पर खतरा अब भी कायम है.

यह घटना सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने की आवश्यकता की ओर इशारा करती है. जरूरत है ठोस रणनीति और स्थानीय सहयोग की, ताकि नक्सली हिंसा पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके.

 

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