MP News: भाजपा विधायक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, जानिए क्या है पूरा मामला
मध्यप्रदेश के भोजपुर से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा
एक बार फिर कानून के शिकंजे में आ गए हैं. इंदौर स्थित एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट ने
उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए 16 सितंबर 2025 को
अदालत में पेश करने के आदेश दिए हैं. पटवा के खिलाफ यह वारंट भारतीय दंड संहिता की
धारा 420 (धोखाधड़ी), 409 (विश्वासघात) और 120बी
(आपराधिक साजिश) के तहत जारी किया गया है.
कोर्ट का यह आदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और
राजनीतिक हलकों में इसकी व्यापक चर्चा हो रही है. सुरेंद्र पटवा, जो
कि पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के भतीजे हैं, पहले भी विवादों
में रहे हैं. उनके खिलाफ चेक बाउंस के 70 से अधिक मामले अलग-अलग अदालतों में चल
रहे हैं. इनमें से कई मामलों में राहत मिलने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट में उन्हें
झटका लग चुका है.
सात साल पहले भी हुई थी संपत्ति कुर्की की कार्यवाही
2017 में भी सुरेंद्र पटवा की मुश्किलें बढ़ी थीं जब इंदौर के तत्कालीन
कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव की अदालत ने उनकी संपत्ति कुर्क करने के आदेश दिए थे. उस
समय उनकी कंपनी पटवा ऑटोमोटिव प्रा.लि. ने बैंक से 36 करोड़ का लोन
लिया था, लेकिन समय पर भुगतान न करने पर 33.45 करोड़ की वसूली
के लिए कार्रवाई की गई थी. अदालत ने आदेश दिया था कि गिरवी रखी संपत्तियों को बैंक
को सौंपा जाए ताकि कुर्की के माध्यम से लोन की भरपाई हो सके.
फर्जी खातों का मामला: सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
2023 में सीबीआई ने सुरेंद्र पटवा और उनके साथियों के खिलाफ फर्जी बैंक
खातों के माध्यम से धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था. हाईकोर्ट ने इस एफआईआर को
निरस्त कर दिया था, लेकिन अप्रैल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश को
पलटते हुए केस को दोबारा हाईकोर्ट भेज दिया. सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि
आपराधिक मामलों में एफआईआर दर्ज करने के लिए आरोपी का पक्ष पहले से सुनना जरूरी
नहीं है.
राजनीतिक असर
इस घटनाक्रम के बाद भाजपा की किरकिरी होना तय है. एक वरिष्ठ नेता के
खिलाफ इतने गंभीर आरोप और अदालती कार्रवाई पार्टी की छवि पर असर डाल सकती है. अब
सबकी नजरें 16 सितंबर की सुनवाई पर टिकी हैं, जब सुरेंद्र
पटवा को अदालत में पेश किया जाएगा.


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