Gold News: आजादी से पहले 19 रु. प्रति 10 ग्राम था सोना, सौ साल में 6500 गुना बढ़ा रेट, जानिए इस दिवाली में कितना बढ़ेगा...

आजादी से पहले 19 रु. प्रति 10 ग्राम था सोना, सौ साल में 6500 गुना बढ़ा रेट, जानिए इस दिवाली में कितना बढ़ेगा...



हर साल 1500 करोड़ का निवेश, दिवाली तक 1.35 लाख के पार जा सकती है कीमत

रायपुर। सोना जिसे सदियों से स्थायित्व, समृद्धि और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है — आज भी निवेशकों के भरोसे का सबसे मजबूत आधार बना हुआ है। बीते 100 वर्षों में सोने की कीमतों में जो ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है, उसने इसे केवल धातु नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक आर्थिक संपत्ति के रूप में स्थापित कर दिया है।

100 वर्षों में 19 से 1.24 लाख तक पहुंचा सोना

रायपुर सराफा एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, 1925 में 24 कैरेट सोने की कीमत मात्र 19 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। अक्टूबर 2025 तक यह बढ़कर ₹1,24,000 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच चुकी है। यानी बीते 100 वर्षों में सोने की कीमत में 6526 गुना की वृद्धि हुई है।

सोने की कीमतें– 100 साल का आंकड़ा

| वर्ष | प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) 

| 1925 | ₹19                      

| 1950 | ₹99                      

| 1975 | ₹540                      

| 2000 | ₹4,400                    

| 2025 | ₹1,24,000                

सराफा कारोबारियों का मानना है कि आगामी दिवाली तक सोने की कीमत ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम तक जा सकती है। जनवरी 2025 में यह कीमत ₹84,000 थी — यानी नौ महीने में करीब 47% की वृद्धि।

छत्तीसगढ़ में हर साल 1500 करोड़ का निवेश

छत्तीसगढ़ में निवेशकों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। रायपुर सराफा एसोसिएशन के अनुसार:

* हर साल करीब 1 लाख निवेशक सोने में निवेश करते हैं

* कुल सालाना निवेश करीब ₹1500 करोड़

* हर वर्ष कारोबार में 5–7% की वृद्धि

ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सोने की मांग में बढ़ोतरी देखी गई है। इसका कारण केवल सांस्कृतिक या पारंपरिक नहीं, बल्कि वित्तीय दृष्टिकोण से सुरक्षित विकल्प के रूप में इसकी स्वीकार्यता भी है।

क्यों बढ़ रही है सोने की मांग जाने

1. कम जीएसटी: सोने पर सिर्फ 3% जीएसटी, जबकि अन्य निवेश साधनों पर कर अधिक

2. उच्च तरलता: ज़रूरत पड़ने पर तुरंत बेचने या गिरवी रखने की सुविधा

3. अंतरराष्ट्रीय कारक: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई, डॉलर की स्थिति और ब्याज दरें

4. मूल्य वृद्धि की उम्मीद: निवेश के बाद साल-दर-साल बढ़ती कीमतें

5. सांस्कृतिक महत्व: शादियों, त्योहारों में सोने की परंपरागत मांग बनी हुई है

किस्तों में सोना खरीदना अब आम

बढ़ती कीमतों को देखते हुए ज्वेलर्स ने ईएमआई स्कीम्स शुरू की हैं। ग्राहक 11 महीने तक मासिक राशि जमा करता है, 12वीं किस्त विक्रेता द्वारा जोड़ी जाती है। इससे मध्यम वर्ग के निवेशकों को:

* आसान भुगतान विकल्प

* मनपसंद ज्वेलरी या बुलियन खरीदने की सुविधा

* कीमतों में भविष्य की वृद्धि से बचाव

चांदी भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त तेजी आई है। पहली बार चांदी ने ₹1,56,000 प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड स्तर छू लिया है।

विश्लेषकों की राय: अभी भी है निवेश का अवसर

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक मंदी, भू-राजनीतिक संकट और डॉलर की कमजोरी जैसे कारणों से सोने की कीमतों में और इजाफा संभव है। ऐसे में वे इसे अभी भी एक *लॉन्ग टर्म सेफ हेवन मानते हैं।

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