नाम पूछकर हिंदू मजदूरों को बनाया निशाना, कुलगाम आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो युवकों की मौत
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले ने छत्तीसगढ़ के दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। आतंकियों ने ईंट भट्ठे पर काम कर रहे प्रवासी मजदूरों के नाम पूछे और इसके बाद छत्तीसगढ़ के दो हिंदू मजदूरों को समूह से अलग कर गोली मार दी। इस हमले में सक्ती जिले के दीपक रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुईहा गांव निवासी भूपेंद्र कुमार भैना (28) ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
केलाम इलाके में हुआ हमला, सुरक्षा बलों ने शुरू की तलाश
जानकारी के मुताबिक, दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केलाम इलाके में शुक्रवार को यह हमला हुआ। दोनों मजदूर वहां एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे थे। आतंकियों ने पहले मजदूरों की पहचान पूछी और फिर कथित तौर पर हिंदू मजदूरों को निशाना बनाया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर दी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, हमले के दौरान कई राउंड फायरिंग की आवाज सुनाई दी थी। जांच एजेंसियां घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।
इलाज के दौरान भूपेंद्र ने तोड़ा दम
हमले में घायल हुए भूपेंद्र कुमार भैना को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शनिवार को उनकी मौत की खबर जैसे ही छुईहा गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उनके घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया।
परिवार की आर्थिक जरूरतों के लिए गए थे कश्मीर
भूपेंद्र अपनी पत्नी कचरा बाई के साथ करीब तीन महीने पहले रोजगार की तलाश में कश्मीर गए थे। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए वह दोबारा ईंट भट्ठे में काम करने लौटे थे। उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उनकी जिंदगी की आखिरी यात्रा साबित होगी।
भूपेंद्र अपने दो वर्षीय बेटे मानस को गांव में छोटी बहन और दादी की देखरेख में छोड़कर गए थे। अब मासूम बेटे के सिर से पिता का साया उठ चुका है। वहीं उनके माता-पिता दशरथ भैना और नागेश्वरी भैना भी मजदूरी करते हैं।
दोनों परिवारों को मिलेगी 10-10 लाख रुपये की सहायता
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दोनों मृतकों के परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की है। इस दर्दनाक घटना के बाद छत्तीसगढ़ में शोक का माहौल है और लोग दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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