भालू के हमले से तीन ग्रामीणों की मौत, मादा भालू ने मचाया आतंक; रेस्क्यू कर पकड़ा गया
कांकेर। 05 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां मादा भालू के हमले में तीन ग्रामीणों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में भय का माहौल है। बताया जा रहा है कि भालू ने हमला करने के बाद मृतकों के शवों को भी नुकसान पहुंचाया। इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया है।
खेत में काम कर रहे ग्रामीणों पर अचानक टूट पड़ा भालू
मामला नरहरपुर वन परिक्षेत्र के गवरसिल्ली और लारगांव मरकाटोला गांव का है। जानकारी के मुताबिक, गवरसिल्ली गांव में तीन ग्रामीण खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक मादा भालू वहां पहुंच गई और उन पर हमला कर दिया। इस हमले में हलालखोर जुर्री (45), चमरीन जुर्री (40) और सोरिन जुर्री (30) की मौत हो गई।
वहीं, लारगांव मरकाटोला में भालू ने एक भाई-बहन को भी अपना शिकार बना लिया। हमले में एक अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेजा गया है।
बच्चे की मौत के बाद बदला भालू का व्यवहार
ग्रामीणों के अनुसार, मादा भालू के बच्चे की मौत के बाद उसका व्यवहार अचानक बदल गया था। बताया जा रहा है कि वह अपने मृत बच्चे के आसपास घूम रही थी और काफी आक्रामक नजर आ रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि इसी वजह से उसने लोगों पर हमला किया।
हालांकि वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भालू के बच्चे की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी। विभाग के अनुसार, मादा भालू की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए टीम को मौके पर भेजा गया।
रेस्क्यू टीम ने पकड़ा, ग्रामीणों में दिखा गुस्सा
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग ने रायपुर से विशेषज्ञ टीम को बुलाया। टीम ने काफी सावधानी के साथ अभियान चलाकर मादा भालू को बेहोश किया और उसे पिंजरे में सुरक्षित रखा।
रेस्क्यू के दौरान ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखी गई। कुछ ग्रामीणों ने भालू को पीटने की कोशिश भी की। वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भालू ने वन विभाग की गाड़ी पर भी हमला किया, जिससे टीम को अभियान के दौरान सतर्क रहना पड़ा।
ग्रामीणों ने वन विभाग पर उठाए सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि भालू के गांव के आसपास होने की जानकारी पहले ही विभाग को दे दी गई थी, लेकिन समय रहते पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर पहले से सुरक्षा इंतजाम किए जाते तो इस तरह की घटना को टाला जा सकता था। फिलहाल वन विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से जंगल क्षेत्र में जाने से बचने की अपील की है।

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